fbpx
ravan dahan - vijyadashmi

रावण जो तेरे अंदर बैठा है …

कागज़ों के रावण ही जलेंगे अब, एक रावण मन में भी तो बैठा है ! द्वेष नफरत खिली चेहरे पर, त्योहारों पर पहरा बैठा है ! सीख भजन की दब गयी कहीं, यहाँ गला फाड़ सब बैठा है ! एक राम विजय का पर्व मनाते; अब कई राम पराजित बैठा है ! मानवता को तू […]

Visit to Home Town – (Photography)

Journey Begin …. चकरी … बैलून … 10 रूपये का मेला । वक़्त की रफ्तार बहुत तेज है । जिन्दगी भी तेज चली हो जैसे ….#memoirs   सुप्रभात …. एक नयी सुबह ।। अपना शहर !! गाँव से दुर्गा विसर्जन का एक दृश्य । सभी अलग अलग टोले से माँ के कलश को निकाल कर एक […]

दशहरे की शाम जो आयी ..!

दशहरे की शाम जो आयी, देखा तमस को जलते हुए, मन में उमंगो को भरते हुए.. वो बचपन … गाँव की वो सीधी सड़क, जो मेले के तरफ ले जाती थी, बच्चों की खुशियों को देखो, बांसुरी और गुब्बारे संग लौट के आती थी, चवन्नी अट्ठन्नी में बर्फ के गोले, और १ रूपये में १० […]