Hindi Poem on Tree Life
Poetry

एक पेड़ – Life of a Tree

Hindi Poem on Tree Lifeउफ्फ तक नहीं करता बदलते मौसमों से,
डटा तना पत्थर सा बन खड़ा रहता ;
हरपल हरयाली बन मुस्काता रहता ;
ये बिखरे बिखरे शाख ही मेरा अक्स है !

गिर जाती है पत्तियां मेरी कई ;
छूट जाता है इनसे नाता मेरा ;
असह दुःख को झेल जाता ;
उफ्फ तक नहीं करता मैं ;
ये बिखरी बिखरी सुखी पत्तियां ही,
तो जीवन का सत्य है !

अपने फूलों की महक दे जाता ;
उगते फलों का जीवन दे जाता ;
मुझपर लगी झूलों को बचपन दे जाता ;
और अंत मौत की दहक दे जाता ;
क्या मेरे देने का कोई अंत है ?

मैं एक पेड़ हूँ कहीं खड़ा ;
मेरा जीवन अब अनंत है !!

#SK { एक पेड़ जो अनेकों मौसमों को झेलता और हमें कुछ सिखाता ; एक कविता पेड़ और जिंदगी के संदर्भ में !  }

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/