Poetry

ये कैसी लड़ाई है…

ये कैसी लड़ाई है,
ऊँचें आवाज में चीख के,
लाल चेहरों से गर्म हाँफती साँसें,
थक के दूर जा बैठना,
चुप हो के घण्टों बिताना
रूठ कर प्लेट को वापस कर देना
पानी गटकना और नींद की आगोश में जाना
रोज ढलते जाना चेहरों का
आधे काले आधे सफेद सारे बाल ;
जैसे जल गए हो वो उखड़े बातों से,
ये कैसी लड़ाई है,
जहाँ बस जिस्मों की सजा है,
लड़ाई होती जो मन की
मन से मन की नाराजगी पूछ लेते ।
#SK
Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/