Gulzar – Ye Khel Aankhir Kisliye (ये खेल आखिर किसलिये ) : Video

About Video: Amazing Poetic Story from Gulzar ; How can we understand each other in just own belief and thought. How love can be described in words just feel the enigma of forever love in Gulzar Words.

Gulzar – Ye Khel Aankhir Kisliye

ये खेल आखिर किसलिये ..
मन नहीं उबता, कई कई बार तो खेल चुके है ये खेल हम अपनी जिंदगी में,
खेल खेला है खेलते रहे है ..नतीजा फिर वही एक जैसा , क्या बाँकी रहता है,
हासिल क्या होता है, जिंदगी भर एक दूसरे के अँधेरे में गोते खाना ही तो इश्क है ना,
आखिर किसलिये .. एक कहानी है सुनाऊं … To Be Continued …..

Post Author: Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज