Monthly Archives: July 2014

Write Hindi Online – हिंदी में लिखे ?

ऑनलाइन हिंदी में लिखे .. !!

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हिन्दी कैसे लिखे .. (डेस्कटॉप, लेपटॉप, मोबाइल, टेब्लेट उपकरण के लिये)

#१. ऑनलाइन गूगल वेबसाइट : आप किसी भी ब्राउजर में जाके इस लिंक के माध्यम से हिन्दी लिख सकते !

लिंक : http://www.google.com/inputtools/try/

आप बस अपने इच्छानुसार इंग्लिश कीबोर्ड से टाइप करे, स्वत: यह आपके शब्द हिन्दी में रूपांतरित हो जायेंगें !

#२. क्रोम ब्राउजर एक्सटेंशन :

लिंक : https://chrome.google.com/webstore/detail/google-input-tools/mclkkofklkfljcocdinagocijmpgbhab

डाउनलोड कर ले क्रोम ब्राउजर में और आप इसे सुविधानुसार उपयोग कर सकते है !

#३. सॉफ्टवेर विंडोज के लिये :  विंडोज में डाउनलोड करे और बिना किसी ऑनलाइन सहायता के, ऑफलाइन मोड में भी नोटपेड या वर्ड में भी हिंदी लिखे !

लिंक : http://www.google.com/inputtools/windows/

#४. एंड्रोइड मोबाइल एवं टेब्लेट : आप गूगल प्ले स्टोर में जाकर, गूगल हिंदी सर्च करके ये एप डाल सकते, और हिंदी टाइप कर सकते !

लिंक : https://play.google.com/store/search?q=id%3Acom.google.android.*inputmethod&hl=en

प्राइम् टाइम – 2 में आज हम काले है तो क्या हुआ (व्यंग्य)

सरकार की सुस्तीकरन नीति से आज देश जहाँ तहाँ जल रहा, सर जी तुष्टि करण, सब गुड गोबड़ कर ही दिए अबे.. यार बीच में मत बोलों टेम्पो बिगड़ जाता समाचार का, वैसे क्या गलत है, सुस्ती करन किसी सरकार की किसी सरकार की तुष्टिकरण ! खुदो उकता जाते क्या बताये प्राइम टाइम में, इराक वाला का लुक्का लगा दिए .. जहाँ था कोई बम फोड रहा, कोई वेबसाइट हैक कर रहा, २-४ ठो विमान टिप लिये, अबे कितना मेहनत पैसा लगता इक जहाज बनाने में ! खैर लोग का जान का मतलब नहीं समझते बड़का जहाज का दर्द होगा उन्हें !

खबरों ता नहीं लाते तुम लोग ढंग से, का बताये आधा अधूरा क्या रोजा .. क्या रोटी कौन किसको खिला दिया ! अरे कोई रोटी रोटी करके पानी पी के दिन बिता देता, और कोई रोटी खा खा के बवाल काट रहा ! रोटी रोटी करके लड़वा दिए जाति धर्म पर, कौन समझाये गेहूं का आटा खेतबा में मेहनत से उपजता, उ नहीं पूछता की नमाज पढ़े हो की कीर्तन गाये हो !

इंडिया जीत गया फिरंगी से, हाँ उस दिन लगान आ रहा था, कोहली को बोले भुवन से सीखो, सेट्टिंग करो पर छक्का चौका मारते रहो, नहीं तो भुवन भुवनेश्वर हो जायेगा !! बाकी अब नहीं बोलेगे आपको पता ही है दिल्ली का है __ !!

सरकार वेबसाइट पर वेबसाइट छापे जा रही, अब काहे कहेंगे अच्छा या खराब आप लोग खुद समझये का जरुरी है ढेर, ट्विटर फेसबुक में मजा मरते उ भी वेबसाइटें है एगो ! बाँकी आप जनता जनार्दन है !

सर जी रुकिये रुकिये एक ब्रेकिंग न्यूज़ लाया हूँ ..

चलाये इसको तृषा लापता .. और सब ट्वीटर पर भी कह रहे लौट आओ तृषा .. सर जी न्यूज़ सीरियस है ।।
बकलोल ही रहोगे जिनगी भर .. न्यूज़ सीरियस नहीं सीरिअल है ।। का मने सर जी ।। काहे आजकल राजीव चौक में तकते उक्ते नहीं हो वहीँ तो बड़का पोस्टर लगा है .. लौट आओ तृषा .. कौन भगाया उसको घरवाले या बॉयफ्रेंड .. ड्रग्स या दोस्त ।। अरे टीवी कार्यक्रम का इ सब किया धरा नौटंकी है ! लौट आयेगी १०-२० एपिसोड के बाद और का !

सर जी कह रहे थे उ न्यूज़ थोड़ा सुना दीजये की, सर जडू मने जडेजबा को, लड़ाई पिट कर लिया, बोल्ये आपीएल खेल रहो हो का पियरका जर्सी में, इ उजरका जर्सी है टेस्ट मैच का होश से खेले !

अब बंद कर रहे प्राइम टाइम, बिजलियां का पलक खोल दो, अरे कहाँ हो बे, देख ससुरा फिर कैंडी क्रश खेलने लगा, नौकरिया से निकाल देगे हाँ कह रहे है !
सर जी गुस्सा दिला दिए ना – हम काले है तो क्या हुआ दिलवाले है ..हाँ कह रहे .. !!

Prime-time-final

Just For Humor – Sujit

Read – प्राइम् टाइम में आज .. कहने दो जी कहता रहे .. याहू !! (व्यंग्य)

जीवन अनंत है इन दो ध्रुवों के बीच !

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इन बारह मासों में सूरज को को देखा आते जाते,
दो ध्रुवों के बीच की सतत यात्रा का जीवन !

ऐसे ही जैसे किसी ध्रुव से कभी शुरू हुआ अपना सफर,
मासों में नहीं वर्षों में विषुवत् की ओर चलता हुआ !

बड़ी तीक्ष्ण किरणें पड़ती हुई यहाँ,
खींच गयी रेखा दो फाँकों में काटती,
और रुकना सम्भव ना हुआ अब यहाँ !

चल पड़ा सूरज की तरह फिर,
किसी दूसरे ध्रुव की ओर सफर पर !

अब फिर जैसे करीब थे इस भूमध्य पर,
अब छूटता हुआ सब वैसे ही पीछे,
शनैः शनैः विदा होता हुआ सबसे !

कर्क से मकर की ओर जीवन चलता हुआ,
अब सब भूलता हुआ फिर उसी तरह बढ़ता,
जीवन अनंत है इन दो ध्रुवों के बीच !

#SK

About Poem : Journey of Life Compared to Movement of Sun between South Poles & North Poles, which bring season change same our life goes towards in this style of happiness vs sorrow these are two poles of life.

स्नेह भी कभी मरता क्या ?

Cute-Friendship-Love

स्नेह भी कभी मरता क्या,
फासलों से ये खामोश पड़ जाता,
कुछ बातों से आँखों में तर हो जाता !

बेजान बेजार ही रह ये जाता मन में,
सोचता फिक्र करता वक्त बेवक्त,
स्नेह भी कभी मरता क्या !

कोशिश करता अलग थलग रहने की,
फिर निश्छल आँखों को मायूस कर लौट आता;
स्नेह भी कभी मरता क्या !

अपने स्नेह के बदले ये कुछ स्नेह ही चाहता,
कितने ही शिकायतों से निष्प्राण बनता हुआ;
स्नेह भी कभी मरता क्या !

मौन सफर पर पथिकों को अलविदा कहता हुआ;
धीमी धीमी सी हँसी चुपचाप सा बिखेरता;
इस सफर में छुटे हर साथी एक स्नेह रखना !

स्नेह कभी नहीं मरता .. कभी नहीं !!

#Sujit

 

रात की बारिश – Rainy Night & Pen

रात की बारिश ..कितनी रफ्तार में .. लेम्प पोस्ट की उजली पीली रोशनी में जब टकराकर, उसकी फुहारों जैसी बिखरी बिखरी बुँदे अलग होती हुई छोड़ती हुई साथ अपना ! कैसी सुनसान सड़क रात की बारिश की .. कदम जैसे थके से .. जैसे भीगे भी जी भरकर .. या बूंदों के शोर से तेज क़दमों से कहीं दूर सफर की ओर चलते हुए !

पेड़ों की झुरमुटों में कभी कभी चाँद बादलों के बीच .. कुछ परिंदे पनाह में आधे भीगें से ठिठुरते हुए पत्तों के बीच .. कोई अधूरी जिंदगी की गीतों को गुनगुनाता हुआ मदमस्त हो, बेफिक्र गाता हुआ .. कितनी ही बूंदें तन को तर करती हुई .. मन को भिगोतीं ये रात की बारिश … आधे अधूरे मन में तो कितने बादल थे .. टूटे ख्वाबों के तरह !

बचपनों वालें कागज की नाव और बारिश में पैरों को पटकने का कौतुहल का ख्याल जहन में नहीं था आज, ये शहरों की बारिश भी अकेली है सुनसान सड़कों पर, कुछ भीगे पेड़, बारिश में नहायी लेम्प पोस्ट.. रह रह के आती गाडियाँ . जमे पानी के छीटों को उड़ाती हुई.. जैसे बिखेर दिया हो रास्ता किसी ने.. अपने धुन में बहते पानी का और अकेली जिंदगी पर हँसी की बुँदे जैसे कभी कभी पड़ती हो .. इस तरह ये बारिश !!

सुनसान सड़क पर .. गंतव्य की ओर भागता पथिक .. बारिश की बूंदों को निहारता .. कोई रोके ना .. मेरे कदमों को ! जिंदगी की उलझनों की कसक कम नहीं .. पर सिसकियों की आवाज गुम होती हुई फुहारों में .. रात की बारिश .. !!

Rainy Night & Pen #SK

Rain-Painting

प्राइम् टाइम में आज .. कहने दो जी कहता रहे .. याहू !! (व्यंग्य)

सर जी १२ -१ बज गया है रात का .. ऊँघा गये होंगे सब प्राएम् टाइम कैसे ! धत बुरबक अभी तो नहा धो के सब फेसबुक ट्विटर पर आये ही होंगे ! यही तो हमारे ऑडिएंस है ; तब आज का दिखायेगें, अर्जेंटीनमा हार गया ; फसाद मचा दिए गुस्सा मैं सब ..चला दे उसका विडियो ! अरे ना रे.. इ कौन सा नया है .. अरे याद नहीं उ जो छो छक्का मारा था, टी ट्वेंटी फाइनल में आउट हो गया था तो सब लोग कैसा बवाल काटे थे ! ये सब चलता ही रहता ! तब आज का दिखायेगें सर जी ! अरे इ वैदिक काल वाला दिखाओ बड़ा क्रन्तिकारी हो रहा देश में !

bored
वेद वैदिक .. सर जी इस्प्रिचुअल हो रहा ज्यादा; एकदम चपर गंजू रहोगे , कश्मीर कश्मीर ३ से ५ बार बीच में डालो इस्प्रिचुअल को क्रांतिकारी बना दो ! सर जी वैदिक जी चश्मा पहनते है .. वाह हो गया अपना काम आज का ..समझा नहीं सर जी ! बस एड ब्रेक में दिखायेगे आज ही खरीदे च्स्माकार्ट.कॉम से वैदिक चश्मा और देखें क्रांतिकारी नजरों से ! सर जी बवाल हो गया .. अब का हुआ बे .. जेहादी हफीज़ का नाम भी आ रहा ! कश्मीर आजाद करा दो .. काट काट .. नेताजी आ रहे है कुछ कहने – “इ सब चाल है” इसका झंडा छाप पार्टी से सबंध है .. अरे बाबा .. हम तो समझते बस जीवन बीमा वालें एजेन्ट होते है .. इ नया नया एजेन्ट बता रहे सब ! बोलने दीजये ना सर जी मजा आ रहा .. ऐसे चुनाव के बाद इ गर्मी में सब ठंडा गये थे ! सर जी एड ब्रेक चला देते च्स्माकार्ट.कॉम वालें मिस्ड कॉल दे रहे ! चला दो चला दो .. सर जी अब फेसबुक ट्विटर पर सब मजा लेने लगे है बंद करते इ वैदिक काल को .. ऐसे दिल्ली के लोग तू तराक नहीं .. बंद कर कोहली टाइप ट्वीटने लगेंगे !

सब उकता गये बजाओ रे गाना .. शम्मी कपूर का .. चाहे कोई मुझे जंगली कहे .. कहने दो जी कहता रहे .. याहू .. call me a beast if you will ;; call me whatever you will .. Yahoo !!

Just For Humor – Sujit

 

गुलाबी चूड़ियाँ – Poetry & Memoirs of School Days

सही सही याद नहीं कौन सा वर्ष रहा होगा .. स्कूल में हिंदी की क्लास में आज इक नयी कविता को पढ़ना था ! आचार्य जी ने कहना शुरू किया – आप लोग क्या सोचते हो ट्रक ड्राईवर के बारें में ; सबने ने अपने व्क्त्य्व दिए ; रौबदार चेहरा .. क्रूर दिल ! शायद अनवरत परिवार से दूर सड़कों पर महीनों चलते हुए .. क्या उनके दिल से ममत्व खत्म हो जाता ! आचार्य जी ने कहना प्रारम्भ किया – आज की कविता इक ट्रक ड्राईवर के जीवन पर आधारित है की उनका भी जीवन हमारे जैसे ही होता, वो भी अपने बच्चे से प्यार करते ! भले ही वो दूर होते अपने घर से बच्चों से ..उनका दिल भी हम आम लोगों के तरह वात्सल्य से पूर्ण होता ! यह कविता है नागार्जुन की “गुलाबी चूड़ियाँ” .. जिसे उसने अपने ट्रक में टांग रखा है ! ये चूडियाँ उसे अपनी गुड़िया की याद दिलाती, कवि ने पिता के व्यक्तित्व को किस तरह सरल शब्दों में उकेरा है .. और हम सब उस कविता के शब्दों को पढ़ने लगते .. और इक ट्रक ड्राईवर की तरह उस हिलते डुलते गुलाबी चूड़ियाँ की खनक में खो जाते !

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कविता के अंश …..

गुलाबी चूड़ियाँ

प्राइवेट बस का ड्राइवर है तो क्या हुआ,
सात साल की बच्ची का पिता तो है!
सामने गियर से उपर
हुक से लटका रक्खी हैं
काँच की चार चूड़ियाँ गुलाबी
बस की रफ़्तार के मुताबिक
हिलती रहती हैं…
झुककर मैंने पूछ लिया
खा गया मानो झटका
अधेड़ उम्र का मुच्छड़ रोबीला चेहरा
आहिस्ते से बोला: हाँ सा’ब
लाख कहता हूँ नहीं मानती मुनिया
टाँगे हुए है कई दिनों से
अपनी अमानत
यहाँ अब्बा की नज़रों के सामने
मैं भी सोचता हूँ
क्या बिगाड़ती हैं चूड़ियाँ
किस ज़ुर्म पे हटा दूँ इनको यहाँ से?
और ड्राइवर ने एक नज़र मुझे देखा
और मैंने एक नज़र उसे देखा
छलक रहा था दूधिया वात्सल्य बड़ी-बड़ी आँखों में
तरलता हावी थी सीधे-साधे प्रश्न पर
और अब वे निगाहें फिर से हो गईं सड़क की ओर
और मैंने झुककर कहा –
हाँ भाई, मैं भी पिता हूँ
वो तो बस यूँ ही पूछ लिया आपसे
वर्ना किसे नहीं भाएँगी?
नन्हीं कलाइयों की गुलाबी चूड़ियाँ!

कवि – नागार्जुन (३० जून १९११-५ नवंबर १९९८) हिन्दी और मैथिली के अप्रतिम लेखक और कवि थे। उनका असली नाम वैद्यनाथ मिश्र था परंतु हिन्दी साहित्य में उन्होंने नागार्जुन तथा मैथिली में यात्री उपनाम से रचनाएँ कीं।

The Alchemist- अल्केमिस्ट पाउलो कोएल्हो – सपनों की अनूठी कहानी !

जिंदगी में खुद पर भरोसा करना और सपनों को पूरी करने की अनूठी कहानी है Alchemist- अल्केमिस्ट पाउलो कोएल्हो द्वारा लिखी गयी !

Book : Alchemist अल्केमिस्ट

Author : पाउलो कोएल्हो (Paulo Coelho is a Brazilian novelist and songwriter.)

क्योँ पढ़े अल्केमिस्ट

* जिंदगी को इक नये नजरिये से देखना चाहते है तो !
* आप भी सपनों और उसके पुरे होने के संशय में है !
* जिंदगी की उलझनों में एकरसता या नीरसता सी लगती तो !
* अक्सर जिंदगी क्या है की तलाश में खो जाते तो !
* इक नई उम्मीद और प्रेरणास्रोत के लिये !
* दुनिया और अदृश्य शक्ति जो इसे चलाती जानने के लिये !
* प्यार, लक्ष्य, सफर क्या है ?

अल्केमिस्ट और मैं

Alchemist(अल्केमिस्ट) विश्वस्तरीय बहुचर्चित किताब है जिसने कितने ही लोगों की जिंदगी को परिवर्तित किया है ! अक्सर अपने जीवन में लक्ष्य प्रतीत नहीं होता, कभी लक्ष्य होता लेकिन उसे पाने का हौसला नहीं होता ! आखिर ये कौनसी उलझने होती जो हमे रोकती अपने सपनों को पाने से, क्या हम सक्षम है कुछ स्मरणीय करने के लिये; इन सब बातों में मैं भी उलझा; (अल्केमिस्ट) के हिंदी एवं अंग्रेजी संस्करणों को पढा ! प्रेरणा ही नहीं जिंदगी जीने का नजरिया मिला; जिंदगी में मिलने वालें कठनाइयों से अपने अंदर उठने वाले भय से कैसे पार पाये ये सीखा; इक असीम उर्जा है आशा है कुछ पाने की अल्केमिस्ट की कहानियों में ! इक भेड़ चराने वाला गड़ेरिया जिंदगी में सोचता है की इक सफर पर निकले दुनिया को देखे .. और इक दिन वो अपने बंधनों को तोड़ निकल जाता ! रास्ते में उसे मिलता अपना प्यार .. निर्जन रेगिस्तान .. साथ छुट जाता अपनी प्रेयसी से .. अनवरत चलता हुआ पिरामिड की ओर .. क्या क्या होता उसके इस जिंदगी के सफर में ..क्या मिलता उसको खजाना ! क्या मिलता उसको वापस अपना प्रेम ! पढिये अल्केमिस्ट और अपने सपनों को इक नई जिंदगी दे !

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कुछ अल्केमिस्ट किताब से झलकियाँ

१) सपने देखना कभी बंद मत करना – बूढ़े बादशाह ने लड़के से कहा था !

२) “जब तुम सचमुच किसी चीज को पाना चाहते हो तो संपूर्ण सृष्टि उसकी प्राप्ति में मदद के लिए तुम्हारे लिए षड्यंत्र रचती है”

“When you really want something to happen, the whole world conspires to help you achieve it.”
― Paulo Cohelo

३) ख़ुशी पाने का राज है – विश्व की सब सुन्दरतम वस्तुओं को देखना और चम्मच वाली तेलों की बूंदों को ना भूलना !

“The secret of happiness is to see all the marvels of the world, and never to forget the drops of the oil on the spoon.”
― Paulo Coelho The Alchemist

४) “जब तुम पूरे दिल से किसी चीज को पाना चाहते हो तभी तुम उस विश्वात्मा के सबसे नजदीक होते हो। और वह शक्ति सदैव सकारात्मक होती है।”

५) कुछ भी सिखने का इक ही तरीका है वह है कर्म ! – किमयागर ने लड़के से कहा

“Everyone has his or her own ways of learning things.”
― Paulo Coelho The Alchemist

६) संयोग जैसी कोई चीज होती नहीं है !

“What is the world’s greatest lie?” the little boy asks.
The old man replies, “It’s this: that at a certain point in our lives, we lose control of what’s happening to us, and our lives become controlled by fate. That’s the world’s greatest lie.”
― Paulo Coelho

“It’s the possibility of having a dream come true that makes life interesting.”
― Paul Coelho

“Everything that happens once can never happen again. But everything that happens twice will surely happen a third time.”
― Paulo Coelho The Alchemist

“Sometimes, it’s better to leave things as they are.”
― Paulo Coelho The Alchemist

“One is loved because one is loved. No reason is needed for loving.”
― Paulo Coelho The Alchemist

तो प्यार, नियती, कर्म और सपनों की इस कहानी को आप भी पढ़े और जीवन जीने के नजरिये को बदले !

~ Sujit in Book Review of The Alchemist .. यहाँ से खरीदे इस किताब को …

एक जहाँ फिर छुटा – #Sk Triveni Poetry

triveni

इतनी दूर सफ़र पर हो आये साथ चलते,
जब एक अजनबी से जाना अपना नाता,

फिर क्यों एक लम्हा हमसे इस तरह रुठा ।1

निभाते रह गये हर वो रिश्ता,
जिसमे हम थे ही नहीं कभी,

फिर क्यों एक जहाँ हमसे इस तरह छुटा ।2

जाने किस भ्रम का साया सा था घना,
इस कद्र भीड़ में खो जाना खुद को कहाँ हूँ मैं,

जब उलझनों में मुझसे मेरा सब्र टुटा ।3

तेरी इबादत में खुद को पा गया ए खुदा,
अब तू मत आना एक नई इबादत ये भी,

अब जैसी है ये दुनिया रास आ गयी है हमें ।4

 

About Poem : [ गुलज़ार साहब के नज्मों में जिंदगी के शब्द होते, त्रिवेणी इक विधा है जिसे गुलजार साहब ने इख़्तियार किया है, इस तरह की कविताओं में तीन पंक्तियाँ होती; दो अपने आप में मुक्कमल होती अपने मायनों में, लेकिन तीसरी पंक्ति इस इक नया अर्थ देती ! Triveni is a form of Hindi/Urdu poetry initiated by the poet Gulzar. Unlike sher, a triveni consists of three “hemistichs” (misras). The first two are complete in themselves but the addition of the third misra gives a new dimension. ]

इक कोशिश की है कुछ त्रिवेणी की तरह कविता लिखने की ~ सुजीत

I am just a random writer, insane with words & Thoughts, just inspired with Gulzar sahab poetry, tried to write my first “Triveni” Style Poem ~ Sujit