Poetry

बस देखो ढूंडो यही कहीं होगी गांडीव परी – India’s Independence Day

हजारे हजार अब जलने दो,
साख को मशालो में भरने दो,
अब लड़ना है दुह: शासन से,
मद में सत्ता ने पी मदिरा,
देश चलाने का बस है झगड़ा !
हमे मिली विकास दर बढते हुए,
और पेट से पेट आँखे भी धँसते हुए!
BPL दिखे फँसते हुए, IPL दिखा हँसते हुए,
जो खेल पसीनो को मिली पैसों की भूल,
आज उसने ही चटा दी रन की हमे धुल !
अभी 64 कदम ही चली जवानी,
और भूल गए अपनी ही कहानी,
क्या कहती अपनी बड़ी उपलब्धि,
नियम ताक बैठे हम पर ही हँसती !
युवाओं से …
अब तुमसे आयी है आस बड़ी,
मत शाम को ना रात बनाओ तुम,
अपने खून में जहर ना मिलाओ तुम,
देखो वो महाभारत की फ़ौज खरी,
असमंजस में तुम हो, जब अपनों से आन भिरी,
बस देखो ढूंडो यही कहीं होगी गांडीव परी…
शत शत नमन मातृभूमि को ! !

Happy Independence Day :: – SUJIT

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/

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