Poetry

एक रोज तुम .. Untouched Thoughts

कुछ ठहर गये थे तुम,
कुछ कहते कहते रुक गये !

तुमने शायद रिश्ता पुराना सा,
कुछ ऐसा बोला था धीमे से !

बस हम उम्मीद में है,
बात कब पूरी होगी वो !

ना हम बता पाते कभी भी,
ना जता पाते अपना रिश्ता !

एक दिन सब कह जायेंगे,
तुझसे तो हँस के बात कर लेता !

ऐसे तो कितने शिकन होते है,
चेहरों पर मेरे … !!

#SK

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/