Poetry

इंसान हूँ हर पल सम्हलने वाला

मेरे सपनों को जलने दे,
यूँ ही मुझे सुलगने दे !

तेरी नियत से क्या वास्ता मेरा,
तू पत्थर है, हर कदम गिरने वाला,
में इंसान हूँ हर पल सम्हलने वाला !

जले ही सही कुछ ख्वाब है मेरे,
दबे ही सही कुछ अरमान है मेरे,

भटका ही सही, एक राह है मेरी,
दिखती नही, पर एक मंजिल है मेरी !

चेहरे बदल बदल कर छिपते हो,
हर रंग हर वेश में, हर देश में !

तू पत्थर है, हर कदम गिरने वाला,
में इंसान हूँ हर पल सम्हलने वाला !

# : $ujit

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/