rain emotion story
Stories

संवेदना ….

बारिश .. छोटा शहर तो तंग हो जाता रोज रोज के इन छीटों से ; हर सड़क हर गलियाँ सनी हुई सी, ऊँघती हुई पुरानी बिल्डिंगें टूटे टूटे दरारों में बारिश की बूंदों ने अपना रस्ता बना लिया था ! बच्चे मायूस हो खिड़की से गुम होते शाम को देखते जा रहे ; आज भी […]

Poetry

कुँआ ….!

खाई खोद रहा वो इंसान जो कुछ पाना चाहता !आत्मविश्वास जैसे पानी मिल ही जायेगा !लक्ष्य तो मिलेगा ही ! आते जाते लोग कह ही देते, खाई है खाई ..खोद रहे .. लोगों के लिये इक मुश्किल ही बना रहा ! यही जिंदगी का नजरियाँ है,सफलता का मार्ग चुनौतियां से भरा, सफलता की बिना सारा प्रयत्न आपके लिये […]