prime time political satire
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प्राइम टाइम – पोएट्री व्हेन संसद एडजर्नड

न चले रे हवा न मिले रे दुआ रुकी है संसद कैसे बने ये सभा । न तूने कुछ किया न मैंने कुछ किया; करोड़ों की अशरफी कौड़ी में खो दिया । बोते बीज बनाते बाँध बचाते बाढ़ ; खेतों की फसल को अख़बार खा गया, हर योजना बस ट्विटर पर छा गया ! बरसों से […]