Poetry

Words of Night – In Night & Pen

ऐसे तो कुछ कहीं बातें थी उस दिन, जैसे अनमने ढंग से टालने की कोशिश और मन समझ लेता दूर उठते हर तरंगों को !उस दिन पूछ ही लिया, की रोज तो मन झुंझला कर मैं, खुद समझा कर सो ही जाता था, रात की गोद में अनेकों अधूरे बातों को लिये !जाने अनजाने आदत […]