prime time political satire
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प्राइम टाइम – पोएट्री व्हेन संसद एडजर्नड

न चले रे हवा न मिले रे दुआ रुकी है संसद कैसे बने ये सभा । न तूने कुछ किया न मैंने कुछ किया; करोड़ों की अशरफी कौड़ी में खो दिया । बोते बीज बनाते बाँध बचाते बाढ़ ; खेतों की फसल को अख़बार खा गया, हर योजना बस ट्विटर पर छा गया ! बरसों से […]

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प्राइम् टाइम – 2 में आज हम काले है तो क्या हुआ (व्यंग्य)

सरकार की सुस्तीकरन नीति से आज देश जहाँ तहाँ जल रहा, सर जी तुष्टि करण, सब गुड गोबड़ कर ही दिए अबे.. यार बीच में मत बोलों टेम्पो बिगड़ जाता समाचार का, वैसे क्या गलत है, सुस्ती करन किसी सरकार की किसी सरकार की तुष्टिकरण ! खुदो उकता जाते क्या बताये प्राइम टाइम में, इराक […]