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आज  फिर सदियों  के बाद वही पुरानी आहट सी  थी !

आज फिर सदियों के बाद वही पुरानी आहट सी थी, जो भुला नहीं हूँ अब भी जेहन में बची एक हसरत सी थी । कुछ दो शब्दों पर तर हो गयी आँखे , सो गयी कब नींद में बोझिल ये आँखे । किसी अजनबी के तरह तुम तो लौटे नहीं थे, लौट के उन राहों […]