empty man poetry
Poetry

खोखला आदमी ..

करता जिंदगी की बातें वो, बड़ी बड़ी वसूलों की फेहरिस्त लोग सुन के सोचने लगते थे बदल जाती थी कई की जिंदगी कुछ खाली खाली लोग उससे मिल भर जाते थे उम्मीदों की बातों से ; सब कहते जाने क्या क्या भरा है, उसके इस मन में ; उसे भी लगता वो भरा हुआ है […]

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यादों की परछाई

यादों की परछाई उभरी ! मेरा मन था छु ले, जा लिपट जाये, और पूछे कुछ सवाल ! मेरी चेतना से परे एक दीवार, या थी भ्रम की कुछ लकीरे ! और थी क्षण प्रतिक्षण से उभरी स्मृति ! क्षणिक वियोग से उभरी तस्वीरे, खो गयी जैसे टुटा एक स्वप्न, और था वापस चेतना का […]