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dads diary

लुका-छुपी ….

बचपन का एक कौतुहल जो हर बच्चा अपने माँ के आँचल में सीखता, चेहरा छुपाना, फिर शरारत भरी नजरों से देखना की सब उसको देख रहे या नहीं, कभी कभी जब चेहरे से आँचल को नहीं हटा पाता उलझ जाता तो अपने गुस्से को जाहिर करना कि कोई उसकी मदद करें, बच्चों के इस लुका […]

दशहरे की शाम जो आयी ..!

दशहरे की शाम जो आयी, देखा तमस को जलते हुए, मन में उमंगो को भरते हुए.. वो बचपन … गाँव की वो सीधी सड़क, जो मेले के तरफ ले जाती थी, बच्चों की खुशियों को देखो, बांसुरी और गुब्बारे संग लौट के आती थी, चवन्नी अट्ठन्नी में बर्फ के गोले, और १ रूपये में १० […]