mad world

पागल दुनिया ….

mad world

बस ओहदे बनने की होड़ में ;
हमने इंसान बनना छोड़ दिया ।

तू मैं और मैं तू के शोर में ;
हमने बातें सुनना छोड़ दिया ।

बस संदेशों की आवाजाही में ;
हमने मिलना जुलना छोड़ दिया ।

मिला खुदा नहीं जो पत्थर में ;
हमने दुआ माँगना छोड़ दिया ।

कुछ मोड़ आये जो इन रस्तों में ;
हमने चलना फिरना ही छोड़ दिया ।

मजहब थे बंधे हुए जिस डोर में ;
हमने उसके टुकड़े करके है छोड़ दिया ।

थोड़ी तल्खी थी आयी उसमें ;
हमने अपना कहना ही छोड़ दिया ।

बस ओहदे बनने की होड़ में ;
हमने इंसान बनना अब छोड़ दिया ।

#पागलदुनिया

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