mad world
Poetry

पागल दुनिया ….

mad world

बस ओहदे बनने की होड़ में ;
हमने इंसान बनना छोड़ दिया ।

तू मैं और मैं तू के शोर में ;
हमने बातें सुनना छोड़ दिया ।

बस संदेशों की आवाजाही में ;
हमने मिलना जुलना छोड़ दिया ।

मिला खुदा नहीं जो पत्थर में ;
हमने दुआ माँगना छोड़ दिया ।

कुछ मोड़ आये जो इन रस्तों में ;
हमने चलना फिरना ही छोड़ दिया ।

मजहब थे बंधे हुए जिस डोर में ;
हमने उसके टुकड़े करके है छोड़ दिया ।

थोड़ी तल्खी थी आयी उसमें ;
हमने अपना कहना ही छोड़ दिया ।

बस ओहदे बनने की होड़ में ;
हमने इंसान बनना अब छोड़ दिया ।

#पागलदुनिया

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/