Poetry

Indian Independence Day Quotes: Spirit of 15th August

शहीदो की मजारो पर लगेगे हर वर्ष ये मेले
वतन पर मरने वाले का आखिर यही निशा होगा!

मुझे तोर लेना वनमाली उस पथ पर तुम देना फेक
मातृभूमि
पर शीश चराहने जिस पथ जाये वीर अनेक !

जिसको न निज गौरव तथा निज देश का अभिमान है
वो नर नही पशु ही निरा अरु मृतक समान है !

पत्थर की मुरतो में समझा था तू खुदा है
खाके वतन का हर जर्रा जर्रा देवता है !

जो भरा नही है भावो से जिसमे बहती रसधार नही
वो
हृदय नही वो पत्थर है जिसमे स्वदेश का प्यार नही !

लड़ैगै आखिरी दम तक जब तक है दम में दम
वतन वास्ते बन्दे सजाये मौत भी है कम

संकलित ऍवं प्रेषित : सुजीत कुमार लक्कीं


Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/

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