Poetry

फीकी हँसी …. Little Laugh


मैं रात की बात लिये, शब्दों को पिरोने ..

सहसा खामोशी में घिरा देखा खुद का चेहरा,
मैंने देखा खुशियों पर मायूसी का लगता पहरा !

बात बदल कर मन को बुझा कर..
फिर कुछ छेरा हमने किस्सा पुराना !

झूठी बात पर फीकी सी हँसी बनाई..
मन के अंदर की कुछ व्यथा दबायी !

व्याकुल से चेहरों को देखा..
सोचा बस, फिर कुछ भी ना पूछा !

सब देखो गम को लिये, पसरा कैसा सन्नाटा..
हम रात की बात लिये, ढूंढे फिर से सवेरा !

SK

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/