Poetry

फिर बात मेरी .. Yet Again

ये किस जवाब के बदले..
फिर कुछ सवाल थे तुम्हारे !

हँस कर ही खामोश हो चले हम..
बहल ही गया ना फिर,
बात अपना अनेकों इन्तेजार करके !

फिर वही कुछ पुराने वादों में घिरे,
किसी बनावटी किस्सों में उलझे,
बात आ निकली घुमावदार रस्तों से !

असमंजस मेरा, या फिर झुके मन मेरा,
अपनी ही हार सही हुई हर बार की तरह,
इस कदर सहम जाता, कब समझा पाऊ बात मेरी,
या कोई अभिमान ना ले जाये तुझे दूर कहीं !

कोशिश तो की हाथ छुराने की पर..
परी हुई है किन यादों की गाँठ कई !

#Sujit ..

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/

3 thoughts on “फिर बात मेरी .. Yet Again”

  1. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार 15/1/13 को चर्चा मंच पर राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आपका वहां हार्दिक स्वागत है

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