Poetry

जिंदगी तु है .. जिंदगी ये है – Life ?

The stages of Life
जितना तुझे समझता,
उतना तू उलझ जाता !

हर कदम रुक तुझे मुड़ के देखता,
तू उतना दूर चला जाता !

जितना मैं तुझे खुदा कहता,
तू उतना ही रूठ जाता !

शिद्दत से इबादत है मेरे मन में,
मैं हर कदम काफ़िर बन जाता !

जब तलाशता किसी खाली पल में,
उसी वक्त मुझे अकेला कर जाता !

वक्त लगता इंतेजार रहता हर मुकाम को पाने,
हर इंतेजार के बाद बस मैं हाथ खाली रह जाता !

जिंदगी तु है .. जिंदगी ये है,
ना मैं समझता, बाँकी सब समझा जाता !

#SK

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/

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