Poetry

कुछ तस्वीरें – The Unfinished Painting

कोरा कागज .. कोरी कल्पना सारी !
यतार्थ कुछ भी नही है ..
बस लहरों का एक सैलाब;
आता और बिखेर देता सारी;
बनाई तसवीरें !

समेट के लौट आया वहाँ से,
वो अधूरी तसवीरें अब यादों में;
फिर सोचुगा बनाऊंगा उसे,
जोड़ुगा हर उलझे हिस्से !

रेतें, यादें, शिकन की कितनी लकीरें,
पथरीली राहें, बेजार मन, कितनी यादें परी,
रात लंबी है परी कुछ तस्वीरें बनाने को !

SK
Image : http://www.huffingtonpost.com/james-elkins/post_1691_b_819376.html

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/