Poetry

कुछ तस्वीरें – The Unfinished Painting

कोरा कागज .. कोरी कल्पना सारी !यतार्थ कुछ भी नही है ..बस लहरों का एक सैलाब;आता और बिखेर देता सारी;बनाई तसवीरें ! समेट के लौट आया वहाँ से,वो अधूरी तसवीरें अब यादों में;फिर सोचुगा बनाऊंगा उसे,जोड़ुगा हर उलझे हिस्से ! रेतें, यादें, शिकन की कितनी लकीरें,पथरीली राहें, बेजार मन, कितनी यादें परी,रात लंबी है परी […]

Poetry

एक निरीह रात – A Painting

एक निरीह रात .. कुछ बात .. आसमाँ में देखो चाँद की बेरुखी ! ये डर ..भय .. रात का सन्नाटा ! ये पुराने पहाड़ों में दफ्न राज आहिस्ता ! ये जिंदगी भी कुछ पहेली से कम नही ! Painting By : Sujit