Poetry

कम नहीं !

ये सन्नाटा फिजाओं का,
किसी तुफां से कम नहीं !
ये ख़ामोशी ..मेरी खता पर
किसी सजा से कम नहीं .. !
धुल सरीखी राहें और रेत के फाहे..
उड़ा ले जाये ऐसे तो हम नहीं !
ये राह मेरी, चाह मेरी..फिर
साथ चलने ना चलने का गम नहीं !
थोरी गुजारिश ! ..
गुमराह है ..भटके से भले है..
मुझे खबर नही मेरे मंजिल की ..
ना साथ आना , ना छोर जाना ! ..
© सुजीत
Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/