कम नहीं !

ये सन्नाटा फिजाओं का, किसी तुफां से कम नहीं ! ये ख़ामोशी ..मेरी खता पर किसी सजा से कम नहीं .. ! धुल सरीखी राहें और रेत के फाहे.. उड़ा …

Read More