Poetry

कभी हँसे जो मेरी हसरतों पर – Sachin Legend of India

कभी हँसे जो मेरी हसरतों पर ..
हमने उन्हें भी सलाम किया …
सब लोग कहते है मुझे खुदा सा , पर मेरी ये खता नही मेरे रब ..
तेरी ओर ये नजर रखी, और बस मैंने तो सपनो को अंजाम दिया ! !
रचना : सुजीत कुमार लक्की
Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/

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