Poetry

एक उड़ान – Dead Dream in Sky

एक पंछी उड़ता हुआ खुले आसमां में,
क्या सपने उसके क्या मन में उसके,
सहसा इच्छाओं का इर्धन खत्म सा हो गया !

बिना उर्जा के सीधा गिरता कटीले पथरीले झारियों में,
बिखर गये पत्थरों से टकराकर उसके पंख !

टूट से पंख, लहुलुहान वो फरफराता,
उड़ने की तमाम नाकाम कोशिश नाकाफी थे,
कुछ दूर घसीटता कराहता वो निढाल निष्प्राण !

कुछ पल की खामोशी ………….

अब हवाएँ ठंढक भरी एक ओर,
सब दर्द से परे नीला आसमां बुला रहा,
खुले गगन में पुनः पंक्षी उड़ रहा था !

पुनः एक उड़ान ……………….

#SK – Some Random Thoughts …….

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/