Poetry

आयेगा एक दौर – Dawn After Dark Night

ये तिमिर घना चहुओर है फैला,
हर रोज सोच से रूबरू एक चेहरा,
इन शोरों में दर्प फैला है गहरा !

हर तरफ बिफरा है शोर !
जो हँस रहे जितना ,
उतना उनको खोने का है होड़ ..

किस मकसद, किस मंजर जाये किस ओर !
क्या करे जिंदगी पर अपना नहीं जोर,

चुप ही रह जाते है अपनी बातों पर,
जाने कोई हँस परे कब मेरे शब्दों पर,
शायद मेरे रास्तों में आता नही मोड़ ..

नजाने इस चर अचर का थामा किसने है डोर ??
तूफानों के पार, परे इन ख्वाबोँ से आयेगा एक दौर !

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/