अंग प्रदेश की भागीरथी

आज जन्मदिवस पर कुछ भाव अनायास मन में उठे !
इस कविता का संदर्भ : मैं गंगा किनारे बसे अंग प्रदेश से हूँ ..
और अभी यमुना नदी के शहर दिल्ली में रह रहा हूँ !
कुछ भाव इस प्रकार है ..जीवन यात्रा भागीरथी तट से कालिंदी तट तक की बयाँ है !
अंग प्रदेश की भागीरथी को ..
मोड़ लाया कालिंदी के संग !
कभी कल कल बहती वो जहान्वी,
वेग उफान कभी सहती बहती !
अब सिमटी सिमटी चलती वो जहान्वी,
आज थम गयी यमुना के संग !
मटियाले जल से सजा था जीवन ,
आज चढ़ ही गया उसे ये शहरी रंग !
जिस जल में धुल जाते थे ,
हर अगणित पापी तन ,
आज उस पर ही चढ़ बैठा ,
ये राग द्वेष का कैसा रंग !
किस किस को कोसे ये मन ,
मन मैले संग मैंने रंगा दिया,
भागीरथी तेरा ही दिया तन !
अंग प्रदेश की भागीरथी को ..
मोड़ लाया कालिंदी के संग !

: सुजीत

Post Author: Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज

4 thoughts on “अंग प्रदेश की भागीरथी

    सुलभ

    (April 10, 2011 - 6:15 am)

    अंग प्रदेश की भागीरथी को ..
    मोड़ लाया कालिंदी के संग !

    भावुक कर दिया भाई तुमने आज.
    ये समय है, परिवर्तन की बयार है, इसे रोकना भी उचित नहीं है. हाँ हम इतना जरुर कर सकते अपने अन्दर सदैव भागीरथ की पावन स्मृति को सहेज कर रखे,
    ताकि शहरी रंग में भी हमारे अन्दर अनंत ऊर्जा का संचार होता रहे. जिसके प्रभाव से अन्यों का भी मार्ग प्रशस्त कर सकें.

    Bhawna Tewari

    (April 11, 2011 - 11:01 am)

    pdhkr khushi hui…bhawnao ka sangam dikhayi deta h…..

    Sujit Kumar Lucky

    (April 11, 2011 - 5:22 pm)

    @BT thnx 🙂

    सारा सच

    (April 15, 2011 - 4:30 pm)

    अच्छे है आपके विचार, ओरो के ब्लॉग को follow करके या कमेन्ट देकर उनका होसला बढाए ….

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