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दशहरे की शाम जो आयी ..!

दशहरे की शाम जो आयी, देखा तमस को जलते हुए, मन में उमंगो को भरते हुए.. वो बचपन … गाँव की वो सीधी सड़क, जो मेले के तरफ ले जाती थी, बच्चों की खुशियों को देखो, बांसुरी और गुब्बारे संग लौट के आती थी, चवन्नी अट्ठन्नी में बर्फ के गोले, और १ रूपये में १० […]