तेरी सुबह – Your Morning

जिन पौधों को तुम सींचते,आज देखो खिल खिला बुला रहे तुम्हें ! आसमां  से ओझल होते तारे सारे,कह रहे जाते देखो हो गयी तेरी सुबह ! कोई सोच रहा, आज …

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