Poetry

इन्द्रधनुषी रंग जिंदगी के …My LifeStream -1

यूँ रफ़्तार बहुत ही तेज थी … टुकड़ो टुकड़ो को समेटा.. देखो बन रहा इन्द्रधनुष सा …कुछ रंग थे इस तरह … (चाँद ने क्या लिखा रात की हथेली पर ! ! ) यूँ चांदनी रात थी.. और ये तुम्हारी ही आहटें थी..चाँद भी उतर आया था हमारे पास .. बस यूँ झकझोरा किसी ने […]