Poetry

एक अनजान सफ़र

भागती ऊहापोह जिन्दगी में क्या खोने पाने की चाहत है, बस उबते थकते मन को बहलाते चले जा रहे एक अनजान सफ़र पर ! क्या पाउगा या क्या खो दूगा, गुमनाम चाहत है एक हसरत है, सपनो की बादल की एक बूंद ही सही बस चले जा रहे एक अंजन सफ़र पर रचना : सुजीत […]