Poetry

I am competing with Myself – Life Motivating Poem By हरिवंश राय बच्चन

वक्त के किसी दोराहे पर खरे ! अच्छाई और बुराई के अंतरद्वंद में घिरे ! हरिवंश राय बच्चन जी की कुछ पंकियो को , आप अपने जिंदगी के बहुत करीब पाओगे ! शायद कई उलझे सवालो का जवाब इस कविता में है !! मैंने शांति नहीं जानी है !– हरिवंश राय बच्चन मैंने शांति नहीं […]