Poetry

आज मे अपने गाँव चला …Going To Home !

आज मे अपने गाँव चला … कुछ ममता मिल जाये आँचल की, आज फिर उनको लेने चला ! जिन गलियों मे बीता मेरा बचपन, आज फिर उनको जीने चला ! कुछ नजरे बोझिल राहों पर , उनको मे तर करने चला ! कुछ नजरे हो अनजानी सी, उनसे भी गले मे मिलने चला ! दादी […]