ये शहर !

वो कहते थे ये शहर है, ऐसा !करीब से देखिये शायद जान जायेगें ! कब तक यूँ मुसाफिर रहते !एक पराव एक आशियाँ तलाशा ! अब इस कदर बस गयी …

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