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वो चले गए – wo Chale gaye

वो चले गए ,थोड़ा मुस्कुरा के गए,हमे तो रुला के गए ! हम भी मगरूर पूछ ही लिया ,कब आओगे लौट के,वो बस अपना सर झुका के गए ! सोचा कुछ तस्वीरे थी किताबो पर ,पर देखा था वो उनको भी मिटा के गए ! कहा मैंने भी ,निकल जा मन तू भी राह अपनी […]

एक क्रिकेट मैच की वेदना

छुपते नही आंसू आब इन चेहरों में , इसे निकलने का एक जरिया दे दे ! बहुत मायूस इस भीड़ में हम, बस रोने का एक कंधा दे दे ! बहुत लड़ चूका अपनी कीस्मत से …. ए मेरे खुदा तू मुझे कब तक आज्म्येगा ….. एक रोज की साम ही थी ये क्रिकेट मैच […]

एक गुड़िया परायी होती है

आज भी हमारे देश में लड़कियो की उपेछा की दृष्टि से देखा जाता है.. उनको पराया समझा जाता है , समाज आज भी अपने पुराने रीती रिवाजो में उलझा हुआ है.वो हमारे हर रिश्तों में चाहे एक माँ हो या , बहन ,संगिनी या दोस्त हर रिश्तों में स्नेह बरसाती है, जीवन के किसी रंगों […]

जब कभी दीवाली आती थी

तन कलरव मन हिषॅत होता था ,जब कभी दीवाली आती थी . दौर दौर के छत के मुंडेरों पर,दीप जलाना फूल सजाना हमे तो ,बहुत ये भाती थी ,जब कभी दीवाली आती थी . पटाखों फुल्झारियो की लंबी लिस्ट ,मेरे गुल्लक से बहुत भारी थी ,बस यही सोच क्रर रह जाते थे,रोकेट और अनार की […]

सोशल मीडिया का शोर और में

रात का सन्नाटा ऊँची अट्टालिका को चीर रहा था,विचलित मन रात को निहार रहा था की तभी,सोशल मीडिया के शोर ने खीचा लाया मुझे ,कैसी ये छद्म दुनिया रच डाली है हमने,रोज एक नए चेहरों की किताब(Facebook)पर दे देते है एक नया नाम,श्याम को sam, राम को रीता बनाते,वाह रे सोशल इंजीनियरिंग. . . . […]

अभी कुछ बाकी है

रास्ते भले ही बदले हमने पर हम भी किसी मंजिल के राही है ,उबर खाबर पगडंडियो पर जरुर फिसले हमारे पावंपर चलने की ललक आज भी बाकी है ! वक़्त की भागदौर में रुकता गया कारवांपर सपनो की भवर से निकलना आज भी बाकी है !रुकी थकी यादों में डूबा जरुर में पर उन परलहरों […]