Random Thoughts Thoughts

4th Floor Thoughts !

The Age of Orthodox thinking…But where we stand; Our Country lost the credentials of New Facet of Innovation. Are we facing the Mind Drain or Influenced with Amplification of Physical Amenities and Glitz of Modernisation? “On 4th Floor in Front of PC; the thoughts which create anxiety in mind, Questioning with our soul. Our doing […]

Poetry

पलायन क्यों ??

पलायन क्यों … साढ़े साती सुबह, अलसाती कम्बल, कोई गीत की धुन टकराएँ ऐसे.. तन से मन को वहाँ खीच ले गए जैसे, है ये कौन सी, व्यथा या झूठा दम्भ, तिल तिल घिसते तन और पल पल रोता मन ! है मेरी माटी ऐसी, जो दो जून का निवाला ना दे सके ? सूख […]

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इंसान हूँ हर पल सम्हलने वाला

मेरे सपनों को जलने दे, यूँ ही मुझे सुलगने दे ! तेरी नियत से क्या वास्ता मेरा, तू पत्थर है, हर कदम गिरने वाला, में इंसान हूँ हर पल सम्हलने वाला ! जले ही सही कुछ ख्वाब है मेरे, दबे ही सही कुछ अरमान है मेरे, भटका ही सही, एक राह है मेरी, दिखती नही, […]

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रंग फीका फाल्गुन !

चहुतेरे कूके कोयल, बहका बहका शिशिर, महका महका बसंत, चहका चहका फाल्गुन ! गलीचे में छुपा गम ही गम, कहना कैसा १०० भी है कम, [ कुछ आती घर की याद … ! ] ना रोका ना टोका, अपनी गली की हवा का झोंका, ना हुई वो शाम, ना बही वो बयार, बोझिल मन से […]

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लालटेन तले.. !

शाम की धमाचौकरी को एक फटकार विराम लगाती थी, पैर पखारे सब लालटेन तले अपनी टोली सी बन जाती थी! जोर जोर से पड़ते थे, हिंदी की किताबे.. लगता था एक होढ़ सा, हर आँगन से वही आवाजे आती थी ! नहीं हुआ है, अभी सवेरा, और खूब लड़ी मर्दानी की गाथा, हम जोर जोर […]