Poetry

प्यार – वेलेंटाइन – अपनी अभिव्यक्ति


एक खास , कोई पास , एक अजनबी अहसास ,
कुछ दबी , कुछ छुपी ये है जज्बात !

मन के तरंगों में उठती कोई बात ,
चुपके से छू जाती एक धीमी आवाज !

कुछ कल्पित भावो का कैसा ये साथ ?

कदम ना रोको जिन्दगी की …
हरपल है एक नयी शुरूआत !

एक खास , कोई पास , एक अजनबी अहसास ..

रचना : सुजीत कुमार लक्की



Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/

One thought on “प्यार – वेलेंटाइन – अपनी अभिव्यक्ति”

Comments are closed.