Poetry

I am competing with Myself – Life Motivating Poem By हरिवंश राय बच्चन

वक्त के किसी दोराहे पर खरे ! अच्छाई और बुराई के अंतरद्वंद में घिरे ! हरिवंश राय बच्चन जी की कुछ पंकियो को , आप अपने जिंदगी के बहुत करीब पाओगे ! शायद कई उलझे सवालो का जवाब इस कविता में है !! मैंने शांति नहीं जानी है !– हरिवंश राय बच्चन मैंने शांति नहीं […]

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गर्व हमे की हमने तो भारत भूमि पर जन्म है पाया ! !

गर्व हमे की हमने तो भारत भूमि पर जन्म है पाया ,बचपन से ही इस माटी में लोट पोट इठलाया ! जरा देखो कृषक की बातो को, इनके सीनों पर हल को चलाया,और ने माँ ने फिर भी दोनों हाथो से, हमको अन्न खिलाया ! गौरवमयी इतिहास… इस धरा की शान की खातिर कितनो ने […]