Poetry

तू भी मेरे ठोकरों पर हँस ले – A Thought

तू भी मेरे ठोकरों पर हँस ले , हाथ छोर कर जो चला हु तेरा ! परेशा ना हो  मेरी गिरते सम्हलते कदमो पर , कदम जब बढ़ा ही दिया अब चल परेगा ही ये सिलसिला ! ! खवाहिश ही कब की मंजिलो को नापने की , बस चला हूँ .. और चलता रहे ये […]