इन्द्रधनुषी रंग जिंदगी के …My LifeStream -1
यूँ रफ़्तार बहुत ही तेज थी … टुकड़ो टुकड़ो को समेटा.. देखो बन रहा इन्द्रधनुष सा …कुछ रंग थे इस तरह … (चाँद ने क्या लिखा रात की हथेली पर …
इन्द्रधनुषी रंग जिंदगी के …My LifeStream -1 Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
यूँ रफ़्तार बहुत ही तेज थी … टुकड़ो टुकड़ो को समेटा.. देखो बन रहा इन्द्रधनुष सा …कुछ रंग थे इस तरह … (चाँद ने क्या लिखा रात की हथेली पर …
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वक्त के किसी दोराहे पर खरे ! अच्छाई और बुराई के अंतरद्वंद में घिरे ! हरिवंश राय बच्चन जी की कुछ पंकियो को , आप अपने जिंदगी के बहुत करीब …
I am competing with Myself – Life Motivating Poem By हरिवंश राय बच्चन Read More
गर्व हमे की हमने तो भारत भूमि पर जन्म है पाया ,बचपन से ही इस माटी में लोट पोट इठलाया ! जरा देखो कृषक की बातो को, इनके सीनों पर …
गर्व हमे की हमने तो भारत भूमि पर जन्म है पाया ! ! Read More
जीने का कुछ ढंग बदला, हमने भी अपना रंग बदला.. छत पर एंटीना की जगह , अब डिश टीवी ने ले ली.. कपड़े मे T-shirt का चलन बढ़ गया.. पर …
जीने के बदले है ढंग – A Social Media Life ! Read More
सब बिखरा सा .. क्या क्या समेटू इन दो हाथों मे ? वो परेशां थे.. पर उनकी बड़ी ही चाहत थी,हमे आजमाने की ! खामोश हूँ खरा .. देख रहा …
सब बिखरा सा ..More Than A Poem Read More
ऑफिस के खिड़कियों से यूँ ही बाहर होते झमाझम बारिश को देखर मना झूम उठा और कुछ बचपन की यादें ठहर सी गयी …मन में सावन लाने को आतुर बरस …
एक नाव चलाये कागज़ का ही सही ! – A Rainy Thoughts Read More