ये कैसी लड़ाई है…
ये कैसी लड़ाई है, ऊँचें आवाज में चीख के, लाल चेहरों से गर्म हाँफती साँसें, थक के दूर जा बैठना, चुप हो के घण्टों बिताना रूठ कर प्लेट को वापस कर …
ये कैसी लड़ाई है… Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
ये कैसी लड़ाई है, ऊँचें आवाज में चीख के, लाल चेहरों से गर्म हाँफती साँसें, थक के दूर जा बैठना, चुप हो के घण्टों बिताना रूठ कर प्लेट को वापस कर …
ये कैसी लड़ाई है… Read More
ले फिर गुलाटीयाँ, और फिर करतब करें । बंदर का खेल, और भालू बन डराये । सीखे फिर ककहरा, और बोले तोतली जबान । बाल को खींचें, और मुँह चिढ़ाये …
आओ फिर बच्चे बन जाये ….. Read More
लालटेन तले Poetry Video Recited By Sujit Poetry Written & Recitation : Sujit Kumar
Hindi Poetry Video – लालटेन तले (Poet – Sujit Kumar ) Read More
अलग अलग मंजिलों पर रहता मैं, कभी जिंदगी की तन्हाई तलाशने, ऊपर छत पर एक कमरा है, पुराना रेडियो पुरानी कुर्सी, और धूल लगी हुई कई तस्वीरें, जिंदगी से ऊब …
खानाबदोश…. Read Moreकरता जिंदगी की बातें वो, बड़ी बड़ी वसूलों की फेहरिस्त लोग सुन के सोचने लगते थे बदल जाती थी कई की जिंदगी कुछ खाली खाली लोग उससे मिल भर जाते …
खोखला आदमी .. Read More
बचपन का एक कौतुहल जो हर बच्चा अपने माँ के आँचल में सीखता, चेहरा छुपाना, फिर शरारत भरी नजरों से देखना की सब उसको देख रहे या नहीं, कभी कभी …
लुका-छुपी …. Read More