जिंदगी तू भी अब तो साथ दे थोड़ा !!
मैं अपनी हर रीत निभा रहा .. जिंदगी तू भी अब साथ दे थोड़ा ! मैं हर सुबह चहक उठता; पर तू शाम तलक मायूस कर देता ! चलो छोड़ …
जिंदगी तू भी अब तो साथ दे थोड़ा !! Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
मैं अपनी हर रीत निभा रहा .. जिंदगी तू भी अब साथ दे थोड़ा ! मैं हर सुबह चहक उठता; पर तू शाम तलक मायूस कर देता ! चलो छोड़ …
जिंदगी तू भी अब तो साथ दे थोड़ा !! Read More
कुछ टूटे हुए काँच खिड़कियों के, जैसे सर्द हवाओं ने रुख देखा उसमें ! आधे ऊँघे परे पेड़ कुछ दुरी पर, और साथ उसके आसरे अंदर खोये हुए, लिपटी चुपचाप …
दूसरी नींद Read More
जितना तुझे समझता, उतना तू उलझ जाता ! हर कदम रुक तुझे मुड़ के देखता, तू उतना दूर चला जाता ! जितना मैं तुझे खुदा कहता, तू उतना ही रूठ …
जिंदगी तु है .. जिंदगी ये है – Life ? Read More
सहूलियत से हर दफा किस्सा छेरते, कभी कशमकश में हाल पूछा होता !किस कदर अब ना कोई हँसता है, बस सवाल की गहराहियों में दफ्न हो, क्या कुछ सोचता है …
कुछ पूछा होता – Sometimes I feel ? Read More
कहते कहते ठहर जाने का सबब,फिर वही बातें, वही रातें ! चाँद सी सादगी दिखती ऐसी,फिर वही अजनबीपन छाया ..शब्द घुटते रहे, करते रहे अदब ! थे बेबाक अनेकों वहाँ …
ठहर जाने का सबब ! Read More
मौन हूँ ..खो गया हूँ में आस पास;इस भीड़ में ! लड़खड़ा जाती है शब्दें,टूट जाती है पंक्तियाँ,पूर्ण कर दो अधूरे संवादों को,एक पूर्णविराम देकर ! विस्मित है मन,भ्रम कैसा …
पूर्णविराम – Epic Life ! Read More