शाम का ढलता सूरज
रोज ख़त्म होता एक और दिन … एक शाम होती… शाम का ढलता सूरज… और क्या सोचते आप और हम … परिदृश्य . . . शाम का डूबता सूरज , …
शाम का ढलता सूरज Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
रोज ख़त्म होता एक और दिन … एक शाम होती… शाम का ढलता सूरज… और क्या सोचते आप और हम … परिदृश्य . . . शाम का डूबता सूरज , …
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वो चले गए , थोड़ा मुस्कुरा के गए, हमे तो रुला के गए ! हम भी मगरूर पूछ ही लिया , कब आओगे लौट के, वो बस अपना सर झुका …
वो चले गए – wo Chale gaye Read More
छुपते नही आंसू आब इन चेहरों में , इसे निकलने का एक जरिया दे दे ! बहुत मायूस इस भीड़ में हम, बस रोने का एक कंधा दे दे ! …
एक क्रिकेट मैच की वेदना Read More
आज भी हमारे देश में लड़कियो की उपेछा की दृष्टि से देखा जाता है.. उनको पराया समझा जाता है , समाज आज भी अपने पुराने रीती रिवाजो में उलझा हुआ …
एक गुड़िया परायी होती है Read More
तन कलरव मन हर्षित होता था , जब कभी दीवाली आती थी . दौर दौर के छत के मुंडेरों पर, दीप जलाना फूल सजाना हमे तो , बहुत ये भाती …
जब कभी दीवाली आती थी Read More
रात का सन्नाटा ऊँची अट्टालिका को चीर रहा था, विचलित मन रात को निहार रहा था की तभी, सोशल मीडिया के शोर ने खीचा लाया मुझे , कैसी ये छद्म …
सोशल मीडिया का शोर और में Read More