ईश्वर और कविता
ईश्वर रचता है प्रकृति बीजों से फूटते कोपल उससे निकलती पंखुड़ियां आसमानों में फिरते हुए बादल और उससे गिरती हुई बूंदें । ईश्वर बनाता है संसार में संघर्ष सपनों संयोग …
ईश्वर और कविता Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
ईश्वर रचता है प्रकृति बीजों से फूटते कोपल उससे निकलती पंखुड़ियां आसमानों में फिरते हुए बादल और उससे गिरती हुई बूंदें । ईश्वर बनाता है संसार में संघर्ष सपनों संयोग …
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जब रात के घने अंधेरे में समुद्री जहाजों को कोई राह प्रतीत नहीं होता वो प्रकाशस्तम्भ की ओर रुख करते हुए आगे बढ़ते । बिना किसी संवाद के बस प्रकाशस्तम्भ …
Lighthouse Read More
एक अधर है जिसके पार भी जाया जा सकता या धीरे धीरे दूर भी । कोई जा चुका है या थोड़ा सा रह गया है अब भी मुझमें । एक …
अधर Read More
किसी नास्तिक को जबमिल जाता होगा ईश्वरकैसे पुराने कठोर सेवहम को बिखेरता हुआमन में कैसी संवेदना होगीवैसी अनभूति सी हुईजब बेजार से जहन कोछू गए तुम्हारे शब्दएकाकी से खोये हुएजीवन …
थोड़ी जिंदगी… Read More
If this is magic it must last… If this is a secret it should stay buried that way… If this is an illusion then it should remain there… if it’s …
Magic… Read More
कभी कभी खामोशी में भरते हुएयादों के चेहरे बुनते जाना,कभी कभी लंबी सी भागदौड़के बाद चुपचाप बिना बोलेसन्नाटे में खोजना खुद कोदेर तक कहीं बैठे रहनाया ऊंघना कुछ कुछ देर …
खामोशी …. Read More