Hindi Poem on Summer Days
Poetry

झुरमुटों में कैद दिन

पेड़ों की झुरमुटों में कैद दिन और इस दिन की गिरफ्त में जिंदगी कितनी तपिश है पत्तों पर आग सी आभा जो जलाने को आतुर कुम्हला के भी मुस्कुराती ये पत्तियाँ कुंद पड़ गयी हरियाली इनकी झुलसी झुलसी सी टहनियाँ, उष्ण पहर विकट पल है इन पर ! पर लौटेगी जब शाम नाचेंगी सब हवाओं […]