Poetry

आओ फिर बच्चे बन जाये …..

ले फिर गुलाटीयाँ, और फिर करतब करें । बंदर का खेल, और भालू बन डराये । सीखे फिर ककहरा, और बोले तोतली जबान । बाल को खींचें, और मुँह चिढ़ाये । दूर से चंदा मामा को, अपने संग बुलाये । जीवन की आपाधापी से अलग, आओ फिर बच्चे बन जाये । #SK #DadsDiary 🤡🤠