Photography Poetry

रात और चाँद

रात के तमाम पहर में वो चाँद अकेला रहा, कोई सिरफिरा आता तो लैम्पपोस्ट पर चढ़ चाँद से दो बातें कर लेता । तमाम रात उसे कुछ बादलों ने घेरे रखा, न कुछ बात छेड़ी न ही साथ छोड़ा, ऐसे जैसे लोगों के भीड़ में, नीचे जमीं पर इंसान अकेला होता । चाँद ने भी […]