Poetry

अभी कुछ बाकी है

रास्ते भले ही बदले हमने पर हम भी किसी मंजिल के राही है ,उबर खाबर पगडंडियो पर जरुर फिसले हमारे पावंपर चलने की ललक आज भी बाकी है ! वक़्त की भागदौर में रुकता गया कारवांपर सपनो की भवर से निकलना आज भी बाकी है !रुकी थकी यादों में डूबा जरुर में पर उन परलहरों […]

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एक अनजान सफ़र

भागती ऊहापोह जिन्दगी में क्या खोने पाने की चाहत है, बस उबते थकते मन को बहलाते चले जा रहे एक अनजान सफ़र पर ! क्या पाउगा या क्या खो दूगा, गुमनाम चाहत है एक हसरत है, सपनो की बादल की एक बूंद ही सही बस चले जा रहे एक अंजन सफ़र पर रचना : सुजीत […]