morning tea love hindi poem
Poetry

हर सुबह लौट आओ तुम …

हर रोज, सुबह की खिली धुप, और पंछीयों की चहचहाट, सी याद आओ तुम ! तुम्हारी बातें, खबर अख़बार की, हर सुबह हर पन्नों पर नजर आओ तुम ! चाय सी गर्माहट लिए, और उसकी मिठास सा, हर सुबह यूँ ही, लौट आओ तुम ! #इश्क़